दुःख को कैसे दूर करें?

लोग सहनशक्ति बढ़ाने को कहते हैं, लेकिन वह कब तक रहेगी? ज्ञान की डोर तो आखिर तक पहुँचेगी, सहनशक्ति की डोर कहाँ तक पहुँचेगी? सहनशक्ति लिमिटेड है, ज्ञान अनलिमिटेड है। यह ‘ज्ञान’ ही ऐसा है कि किंचित्मात्र सहन करने को नहीं रहता। सहन करना यानी लोहे को आँखों से देखकर पिघालना। उसके